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राष्ट्रीय परशुराम परिषद

राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित |
राष्ट्रीय परशुराम परिषद, दिल्ली प्रदेश – बेटियों के सम्मान में परशुराम शक्ति वाहिनी मैदान में

बेटी बचाओ • बेटी पढ़ाओ • बेटी का अपमान नहीं

राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला जी ने संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों के विरुद्ध की गई अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान न केवल महिलाओं के सम्मान पर प्रहार हैं, बल्कि पूरे देश में जातीय वैमनस्य फैलाने का प्रयास भी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस घर से नारी सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला व्यक्ति निकलेगा, उसके विरोध में समाज के हर घर से एक-एक वीर खड़ा होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति PCS अधिकारी रहते हुए महिला से जुड़े दुराचार के गंभीर प्रकरण में संलिप्त रहा, इसके बावजूद उसे IAS पद पर पदोन्नति दी गई । उन्होंने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए ऐसे व्यक्ति को अधिकारी के वेश में भेड़िया करार दिया और इसे राष्ट्र व समाज के साथ विश्वासघात के समान बताया। पौराणिक संदर्भ देते हुए पंडित सुनील भराला ने कहा कि जैसे त्रेता और सतयुग में भगवान परशुराम ने अधर्म, अन्याय और पाखंड का विनाश किया था, वैसे ही आज समाज को भी ऐसे अधर्मी और पाखंडी तत्वों के विरुद्ध कठोर एवं निर्णायक कार्रवाई करनी होगी। अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धरना प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुँचाने का माध्यम है और जब तक दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक राष्ट्रीय परशुराम परिषद का संघर्ष जारी रहेगा। #बेटी_का_सम्मान