Skip to main content

राष्ट्रीय परशुराम परिषद

राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित |

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय परशुराम परिषद द्वारा आयोजित महाशिविर के भगवान श्री परशुराम कथा पंडाल में आज महाकुंभ का 40वाँ दिन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस पावन अवसर पर व्यासपीठ से परम पूज्य आचार्य राजपुरोहित मधुर जी ने अपने दिव्य प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आलोकित किया। कथा के दौरान विभिन्न राज्यों से पधारे गणमान्य अतिथियों को राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक एवं नि० राज्य मंत्री माननीय श्री Pandit Sunil Bharala जी की मौजूदगी में आचार्य Raj Purohit Madhur Ji जी ने विधिवत अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
सम्मानित अतिथियों में श्रीमती आकांक्षा जी (मंडल अध्यक्ष, सरोज नगर, दिल्ली), केरल से पधारे श्री प्रकाश प्रकट जी, श्रीमती प्रीति प्रकाश जी, श्रीमती नेहा चंद्र कुमार जी, श्री वीणु प्रकट जी और श्रीमती स्नेहा चंद्र कुमार जी शामिल रहे।
इस भव्य आयोजन में भक्ति, ज्ञान और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिला, जहां हजारों श्रद्धालु भगवान श्री परशुराम कथा का श्रवण कर पुण्यलाभ अर्जित कर रहे हैं। राष्ट्रीय परशुराम परिषद द्वारा आयोजित यह दिव्य आयोजन सनातन संस्कृति के गौरव का भव्य प्रतीक बन चुका है।