Skip to main content

राष्ट्रीय परशुराम परिषद

राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित | राष्ट्रीय परशुराम परिषद | वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः | धर्म, संस्कृति और न्याय के लिए समर्पित |

आज महाकुंभ-2025 में राष्ट्रीय परशुराम परिषद द्वारा आयोजित महाशिविर में तृतीय दिन श्री रविशंकर जी महाराज की कथा का अतिथियों एवं संस्थापक आदरणीय श्री सुनील भराला जी ने परिवार के साथ श्रवण किया..
महाराज जी की वाणी में ऐसी अद्भुत शक्ति है, जो हर व्यक्ति को जीवन के उच्चतम उद्देश्य से जोड़ती है और हृदय में दिव्यता का संचार करती है।
महाराज जी के उपदेशों से समाज में प्रेम और एकता का वातावरण बनता है। उनका मार्गदर्शन हमें जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने की प्रेरणा देता है।
उनकी कृपा से हमें न केवल आत्मिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में एक नई दिशा और ऊर्जा भी प्राप्त होती है, जिससे हम हर परिस्थिति में सफलता की ओर अग्रसर हो सकते हैं।