परशुराम शक्ति वाहिनी
भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां हमारे देवी-देवताओं, ऋषियों और धर्मावलंबियों ने मानवता की रक्षा के लिए समय-समय पर विश्व को जीवन जीने की प्रेरणा दी और आसुरी शक्तियों को परास्त किया। धर्म की रक्षा के लिए सर्वशक्तिमान ईश्वर धरती पर अवतार लेते हैं। दुष्ट राक्षसों का नाश करने के लिए भगवान देश, काल और परिस्थिति के अनुसार जन्म लेते हैं, अपनी लीला करते हैं और माया के माध्यम से ही इस मायावी संसार का उद्धार करते हैं। भगवान श्री परशुराम जी भगवान विष्णु के छठे अवतार थे। एक ओर भगवान श्री परशुराम ने सभी दुष्टों का नाश किया तो दूसरी ओर भगवान शिव की अनन्य भक्ति, प्रेरणा और शिक्षाओं के माध्यम से उन्होंने संपूर्ण मानव जाति का कल्याण किया। भगवान परशुराम से बड़ा कोई शिक्षक या योद्धा नहीं हुआ है। भगवान जहां उच्चतम आदर्शों और मूल्यों के संस्थापक थे, वहीं वे शस्त्र उठाकर अपनी प्रजा की रक्षा के लिए भी तत्पर रहते थे। भगवान श्री राम के भक्त रूप को जन-जन के सामने प्रस्तुत करने का श्रेय भी भगवान परशुराम को ही जाता है। भगवान परशुराम के कारण ही लोग भगवान श्री राम के भव्य रूप के दर्शन कर पाते हैं। राष्ट्रीय परशुराम परिषद की स्थापना भगवान परशुराम जी के प्रेरक व्यक्तित्व और उनके द्वारा किए गए दिव्य कार्यों से लोगों को अवगत कराने के लिए की गई है। राष्ट्रीय परशुराम परिषद एक राष्ट्रीय संगठन है।
राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा में लगी परिषद के दो अनुषांगिक संगठन हैं।
- परशुराम शक्ति वाहिनी
- परशुराम स्वाभिमान सेना परिषद के संस्थापक संरक्षक एवं मुख्य ट्रस्टी श्री सुनील भारद्वाज भराला हैं। परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन भी कर दिया गया है। निकट भविष्य में परिषद के और विस्तार के लिए केंद्रीय, प्रांतीय एवं जनवेदीय स्तर पर प्रतिनिधि सम्मेलन एवं अन्य समारोह आयोजित किए जाएंगे। प्रांतीय इकाइयों का गठन किया जा रहा है, हर जिले के सभी मंदिरों में श्री परशुराम जी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी तथा श्री परशुराम विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
श्री परशुराम भगवान धाम एक बार फिर समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा, जहां परशुराम स्वाभिमान सेना के माध्यम से देश की युवा शक्ति को संगठित कर समाज में फैल रहे आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का सशक्त प्रयास किया जा रहा है, वहीं शक्ति वाहिनी के माध्यम से नारी शक्ति को जागृत कर राष्ट्र को नई ऊर्जा, नई शक्ति और नई दृष्टि प्रदान की जा रही है। नारी शक्ति सम्मेलनों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जाएगा, शक्ति वाहिनी द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है।
Rashtriya Parshuram Parishad
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